Victoria Memorial, Kolkata में सजी 1857 की विरासत
तांत्या टोपे की ऐतिहासिक अचकन बनी आकर्षण का केंद्र

कोलकाता। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक तांत्या टोपे से जुड़ी ऐतिहासिक अचकन इन दिनों विक्टोरिया मेमोरियल में प्रदर्शित की गई है। रेशम एवं मखमल के कपड़े से निर्मित यह अचकन उस दौर की शौर्यगाथा और संघर्ष की जीवंत प्रतीक मानी जा रही है।
संग्रहालय में सुसज्जित कांच के सुरक्षित कक्ष में रखी यह धरोहर दर्शकों को 1857 की क्रांति की याद दिलाती है। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, तांत्या टोपे (1814–1859) ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी रणनीति, साहस और नेतृत्व ने स्वतंत्रता की पहली चिंगारी को प्रज्वलित किया।

विक्टोरिया मेमोरियल में संरक्षित यह अचकन न केवल एक परिधान है, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अमिट स्मृति है। इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऐतिहासिक वस्त्र और धरोहरें नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवपूर्ण अध्यायों से परिचित कराती हैं और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती हैं।



