पटना SSP की प्रेस वार्ता पर उठे सवाल, छात्रा से यौन उत्पीड़न मामले में जाँच की निष्पक्षता पर संदेह
पटना

पटना।
जहानाबाद जिले की रहने वाली एक छात्रा के साथ पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में पटना के माननीय SSP द्वारा की गई हालिया प्रेस वार्ता को लेकर छात्र संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।

आरोप है कि SSP द्वारा बिना पूर्ण तथ्यों के प्रेस वार्ता कर दोषी को निर्दोष और न्याय की माँग कर रहे छात्रों को ही दोषी ठहराने का प्रयास किया गया। वहीं, PMCH द्वारा जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद भी पुलिसिया अनुसंधान की दिशा को संदिग्ध बताया जा रहा है।
छात्र संगठनों का कहना है कि जाँच की प्रक्रिया में कई गंभीर चूक हुई हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि मेडिकल जाँच के दौरान पीड़िता के कपड़े, जो कि अहम साक्ष्य थे, उन्हें हटा दिया गया, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे मामले में कुछ मेडिकल कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि यह मामला “हाई-प्रोफाइल” होने के कारण सच्चाई को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि ऊपर से नीचे तक निष्पक्ष जाँच नहीं हुई, तो पीड़िता को न्याय मिलना मुश्किल होगा।

मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जाँच की माँग की है तथा पूरे प्रकरण की न्यायिक समीक्षा कराने की अपील की है। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक सभी आरोपों से इनकार करते हुए जाँच जारी रहने की बात कही गई है।



