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कुसुमराज खेल सम्मान समारोह 2026: खिलाड़ियों का बढ़ा सम्मान, खेल प्रतिभाओं को मिला नया मुकाम

कुसुमराज खेल सम्मान समारोह 2026: खिलाड़ियों का बढ़ा सम्मान, खेल प्रतिभाओं को मिला नया मुकाम

पटना, 1 मार्च। राजधानी पटना के दानापुर स्थित श्रीराम खेल मैदान, सुल्तानपुर मठ में खेल और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। सरदार पटेल स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा कुसुमराज एजुकेशनल इंस्टीच्यूशन के सहयोग से “कुसुमराज खेल सम्मान समारोह सह होली मिलन समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यभर के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल प्रमोटरों, पत्रकारों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया।

समारोह का मुख्य उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, उनके मनोबल को ऊंचा उठाना और समाज में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की उपस्थिति ने इसे यादगार बना दिया।

अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

कार्यक्रम में पटना नगर निगम की उपमेयर रेशमी चंद्रवंशी, बिहार प्लेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी, कुसुमराज एजुकेशनल इंस्टीच्यूशन के प्रबंध निदेशक डॉ. अमरेंद्र कुमार अम्रीश समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने मंच से खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का प्रतीक है। ऐसे सम्मान समारोह खिलाड़ियों के भीतर नई ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।

विभिन्न खेल विधाओं के खिलाड़ियों को मिला सम्मान

समारोह में बैडमिंटन, फुटबॉल, क्रिकेट, ताइक्वांडो, कबड्डी, तीरंदाजी, कराटे, पिट्टो, गेटबॉल, पिकलबॉल, सॉफ्टबॉल, मिनी गोल्फ, योगा और शतरंज सहित कई खेलों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी नीरज कुमार को सराहा गया। महिला क्रिकेट खिलाड़ियों और अन्य उभरती महिला प्रतिभाओं को भी मंच पर सम्मान दिया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राज्य में बेटियां भी खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं।

प्रशिक्षकों और प्रमोटरों की अहम भूमिका

खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। कराटे, फुटबॉल, शतरंज, बैडमिंटन, कबड्डी और क्रिकेट से जुड़े कोचों को उनके समर्पण और मेहनत के लिए सराहा गया। आयोजकों ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

खेल प्रमोटरों और विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों को भी सम्मान दिया गया। इन लोगों के प्रयासों से राज्य में नई खेल प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन संभव हो पा रहा है।

युवा खिलाड़ियों को मिला विशेष मंच

कार्यक्रम में युवा क्रिकेटरों को “प्रोमोसिंग प्लेयर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया गया, जिन्होंने कम उम्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भविष्य के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। आयोजकों का मानना है कि ऐसे मंच युवा प्रतिभाओं को पहचान और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।

खेल पत्रकार और फिजियोथेरेपिस्ट भी हुए सम्मानित

खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि मीडिया खेल प्रतिभाओं को समाज के सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इसके अलावा खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में योगदान देने वाले फिजियोथेरेपिस्टों को भी सम्मान दिया गया। खेलों में चोट और थकान से उबरने के लिए विशेषज्ञों की भूमिका को आयोजकों ने विशेष रूप से रेखांकित किया।

शिक्षा और खेल का समन्वय

समारोह में शिक्षाविदों और विद्यालय प्राचार्यों को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि यदि शिक्षा और खेल साथ-साथ चलें तो विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है।

कार्यक्रम के अंत में होली मिलन समारोह आयोजित हुआ, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। रंग और उमंग के बीच यह संदेश दिया गया कि खेल समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

कुल मिलाकर, कुसुमराज खेल सम्मान समारोह ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को एक नई पहचान दी है। ऐसे आयोजनों से निश्चित रूप से बिहार में खेलों का स्तर और ऊंचा होगा तथा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन करेंगे।

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